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20.7.16

जगत के रंग क्या देखूँ Jagat Ke Rang Kya Dekhu {Hit Khatu Shyam Bhajan} Tera Jaat Khadya Muskav...

जगत के रंग क्या देखूँ
   Jagat Ke Rang Kya Dekhu

  Krishna bhajan 

जगत के- रं-ग क्या- दे-खूं तेरा- दीदा-र काफी है
करूँ- मैं- प्या-र किस-किस से तेरा- एक प्यार काफी है
नहीं चाहिए ये दुनियां के, निराले रंग ढं-ग मुझको -2
निराले रंग ढं ग मुझको
चली जाऊँ मैं वृंदावन, तेरा दरबार काफी है
जगत के रंग…………….
करूँ मैं प्यार ……..
जगत के साज बाजों से, हुए हैं कान अब बहरे -2
हुए हैं कान अब बहरे
कहाँ जाके सुनूं अनहद, तेरी झंकार काफी है

जगत के रंग …………….
करूँ मैं प्यार ……..
जगत की झूठी रौशनी से, हैं आँखें भर गयी मेरी -2
हैं आँखें भर गयी मेरी
मेरी आँखों में हो हरदम, तेरा चमकार काफी है
जगत के रंग …………….
करूँ मैं प्यार ……..
जगत के रिश्तेदारों ने, फैलाया जाल माया का -2
फैलाया जाल माया का
तेरे संतों से प्रीति हो, यही परिवार काफी है
जगत के रंग …………….
करूँ मैं प्यार ……..