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1.7.17

जगजननी जय जय माँ//Jag Janani Jai Jai Maa


जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी।
अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी।
कर्ता विधि भर्ता हरि हर संहारकारी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया।
मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

राम, कृष्ण, तू सीता, ब्रजरानी राधा।
तू वाँछा कल्पद्रुम, हारिणि सब बाधा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

दश विद्या, नव दुर्गा, नाना शस्त्रकरा।
अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

तू परधाम निवासिनि, महाविलासिनि तू।
तू ही शमशान विहारिणि, ताण्डव लासिनि तू॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

सुर-मुनि मोहिनि सौम्या, तू शोभाधारा।
विवसन विकट सरुपा, प्रलयमयी धारा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

तू ही स्नेहसुधामयी, तू अति गरलमना।
रत्नविभूषित तू ही, तू ही अस्थि तना॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

मूलाधार निवासिनि, इहपर सिद्धिप्रदे।
कालातीता काली, कमला तू वर दे॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी।
भेद प्रदर्शिनि वाणी विमले वेदत्रयी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

हम अति दीन दुखी माँ, विपट जाल घेरे।
हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

निज स्वभाववश जननी, दयादृष्टि कीजै।
करुणा कर करुणामयी, चरण शरण दीजै॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥

तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले


होंगे ठाठ निराले तेरे होंगे ठाठ निराले ,
तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले ।

मनफरा से पैदल चलना, ना घोड़ा ना गाडी,
देख-देख थोड़ी दूरी पर माँ का धाम पहाड़ी,
हर साल निशान चढ़ाने का अब तू भी नियम बना ले ,
तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले ।

नवरातों में जिसने चढ़ी पहाड़ी धाम की सीढ़ी,
माँ की दया से मौज उड़ाती उसकी सातों पीढ़ी,
चढ़ जा पहाड़ी की सीढ़ी, अपनी तक़दीर बना ले,
तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले ।

लाल ध्वजा जब लाल उठाते , मईया खुश हो जाती,
खोल चुनड़ का पल्ला भगतों पर है प्यार लुटाती,
निशान पहाड़ी माँ का खोले किस्मत के ताले,
तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले ।

जिन हाथों ने ध्वजा उठायी वो तो हैं बड़भागी,
' सौरभ मधुकर ' उन्हें मिली है कृपा पहाड़ी माँ की,
हो गए वारे-न्यारे उनके हो गए वारे न्यारे,
तू भी इस नवराते में पहाड़ी माँ का निशान उठा ले ।



19.10.15

मैया तेरा बना रहे दरबार :Maiya tera bana rahe darbar



मैया तेरा बना रहे दरबार
बना रहे दरबार मैया तेरा
तेरे पावन दर पे आके मैया
हो सबका उद्धार मैया
बना रहे दरबार

प्रेम का दीपक ज्ञान की बाती
मन मन्दिर में जले दिन राती मैया
मिट जाये अंधकार मैया
बना रहे दरबार

गहरी नदिया, नाव पुरानी
जीवन की यह अथक कहानी
तू ही खेवनहार मैया
बना रहे दरबार

जो भी तेरे दर पे आया मैया
मनवांछित फल उसने पाया मैया
तेरी दया है अपार मैया
बना रहे दरबार


20.8.15

अमृत की बरसे बदरिया Aamrit ki barse badariya

अमृत की बरसे बदरिया

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अम्बे माँ की दुआरिया 

देखो, अमृत की बरसे बदरिया ओये मेरी माँ की दुआरिया............

दादुर मोर पपीहा बोले - 2 (पपीहा बोले, पपीहा बोले) -2
कूके जै हो -2 (कूके काली कोयलिया, ओ अम्बे माँ की दुआरिया)-2
अमृत की बरसे बदरिया..........

शीश मुकुट, कानों में कुण्डल-3

सोहवे-3 लाल चुनरिया, मेरी माँ की दुआरिया, देखो अमृत..............

माथे की बिन्दिया चमचम चमके -2 (चमचम चमके) -4

माथे की बिन्दिया चमचम चमके
जैसे- 3 गगन में बिजुरिया, अम्बे माँ की दुआरिया - अमृत..........

सूरज चन्दा आरती उतारे- 4 पवन बुकारे डगरिया, मेरी..........
ब्रहृ, बिष्णु, शंकर नाचे -4 शंकर नाचे, भोला नाचे -2
ओये ब्रहृ विष्णु शंकर नाचे, मोहन बजाये बाँसुरयी
मेरी माँ की बुअरिया, अमृत की बरसे..........

ओ प्रेम से बोलो जय माता दी,
ओ सारे बोलो जय माता दी,
ओ आते बोलो जय माता दी,
ओ जाते बोलो जय माता दी,
ओए कष्ट निवारे जय माता दी,
माँ पार उतारे जय माता दी,
मेरी माँ भोली जय माता दी,
भर देती झोली जय माता दी,
माँ जोड़े दर्पण जय माता दी,
माँ देके दर्शन जय माता दी,
ओ जय माता दी, जय माता दी,
जय माता दी, जय माता दी ।