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1.11.18

भजन दिन रात करू री,मुझे फिर भी ना मिले भगवान,

                      
भजन दिन रात करू री ,
मुझे फिर भी ना मिले भगवान,
सने री बागो में भगवान
बागो की मालिन मई बानी
मुझे फिर भी ना मिले भगवान
बागो की मालिन मई बानी
मुझे फिर भी ना मिले भगवान...
सने री महलो में भगवान
महलो की दासी मई बानी मुझे फिर भी ना मिले भगवान
भजन दिन रात करू री,
मुझे फिर भी ना मिले भगवान,
साखि रे मंदिर में भगवान
मंदिर की पूजा मैन की मुझे फिर भी ना मिले भगवान
भजन दिन रात करू री,
मुझे फिर भी ना मिले भगवान,
गोरी गोरी श्री राधी
रास में भोरि श्री राधी
नवल किशोरी श्री राधी
फूल कटोरि श्री राधी
फूल कटोरि श्री राधी
रास में भोरि श्री राधी
ब्रिज की छोरी श्री राधी
बराज की छोरी श्री राधी
ब्रिज की छोरी श्री राधी
बराज की छोरी श्री राधी
जाके ब्रज मे
जाके ब्रज में
जाके ब्रज में डेरा जमाले
तो श्याम तोहे मिल जाएंगे
जाके ब्रज में डेरा जमाले
तो श्याम तोहे मिल जाएंगे
राधे राधे की रतन तू लगाले
तो श्याम तोहे मिल जाएंगे
राधे राधे की रतन तू लगाले
तो श्याम तोहे मिल जायेंगे

25.10.18

भला सभी का करते बाला

भला सभी का करते बाला, प्यार सभी को करते हैं,
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

साँचा है दरबार तुम्हारा, बालाजी करतार तुम्हीं,
कलयुग में दुःख के मारों का, करते हो उद्धार तुम्हीं,
चरणों में जो शीश नवाता, संकट उसके कटते हैं।
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

बालाजी के अंगसँग देखो, प्रेतराज और कप्ताना,
दर्शन करलो, सुमिरन करलो, मुक्ति का फिर फल पाना,
घाटे में जब मेले लगते, ढोल नगाड़े बजते हैं।
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

कांधे मूँज जनेऊ साजे, हाथ में गदा विराजे है,
कंठ में पुष्प की माल है शोभित, छवि अद्भुत सी साजे है,
भूत प्रेत फिर निकट न आवें, बाला नाम जो रटते हैं।
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

शिव अवतारी केसरी नन्दन, असुर निकन्दन बाला जी,
संकट मोचन कष्ट विमोचन, भव भय भंजन बाला जी,
चोले का जो तिलक लगाते, भवसागर से तरते हैं।
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

भला सभी का करते बाला, प्यार सभी को करते हैं,
श्रद्धा से जो पुष्प चढ़ाये, झोली उसकी भरते हैं ।

-रचयिता- राज कुमार टाँक

9.7.18

सारे जग का है वो रखवाला,



सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

एक चोर चला शिव मंदिर में,

पाप था उसके अंदर में,

घंटा आया उसे नज़र,

जो था लगा शिव के ऊपर

लेकिन था काफी ऊंचे,

उस तक वो कैसे पहुंचे, हो ओ ओ ओ ओ

कैसा लालच ने चक्कर में डाला,

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

उपाय समझ जब आया है,

चोर खड़ा मुस्काया है,

शिव मूरत पर चढ़कर,

हाथ लगाया घंटे पर,

घंटा घन घन बोल उठा,

चोर का मनवा डॉल उठा, हो ओ ओ ओ

वहां प्रगट हुआ डमरू वाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

मांग मांग बोले शंकर,

ले ले तू मनचाहा वार,

चोर खड़ा कांपे थर थर,

देख रहा इधर उधर,

मैं तो चोर उचक्का हूँ,

झूठा कपटी पक्का हूँ हो ओ ओ ओ

बाबा सचमुच है तू भोला भाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

कोई मोदक मेवा लता है,

कोई चन्दन मुझपे चढ़ाता है,

पर तू ने अपना तन,

कर दीन्हा मुझपे अर्पण

तू भक्त है मेरा चोर नहीं,

तेरे जैसा और नहीं, हो ओ ओ ओ

झट बोले यूँ दीन दयाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

शंकर अन्तर्धान हुआ,

चोर को तब ये ज्ञान हुआ,

छोड़ कर बुरे धंधे ,

शिव का पक्का भगत बना,

‘ताराचंद‘ भी दस तेरा,

कष्ट हरो शिव तुम मेरा, हो ओ ओ ओ

निसिदिन जपूं तुम्हारी माला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

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चिकित्सा आलेख-

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

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8.7.18

मेरे पापा जैसा कोई नहीं

                                              

चाहे वो इंसान हैं पर मेरे लिए भगवान् हैं,
बिन मांगें सब कुछ देते बदले में कुछ ना लेते,
क्या कहना उनके बारे है,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,
मेरे पापा सबसे प्यारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

जब था बचपन मेरा पापा बड़े खलौने लाते थे,
जो भी कहता में था पापा मेरे बोल पुगाते थे,
उन्होंने मेरे खाब सवारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

लाकर दी थी सइकिल मुझको जब मैं स्कूल में पढ़ता था,
समय समय पर सब मिल जाता कहना भी ना पड़ता था,
वो जानते सब इशारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

कदम कदम पे साथ चलके ज़िन्दगी मेरी संभाली है,
फूलों की रखवाली जैसे करता कोई माली है,
कांटे चुनके तोड़े सारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

ऐसी कोई बात नहीं जो पापा ने ना मानी हो,
मेरी आँख में अब तक जिसने आने दिया ना पानी हो,
सागर पापा बड़े न्यारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

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चिकित्सा आलेख-

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 


मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना

                               

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से लिपटाए रखना

छोड दुनिया के झूठे नाते सारे, किशोरी तेरे दर पे आ गया
मैंने तुमको पुकारा ब्रज रानी, जग से बचाए से रखना,
कृपा बरसाए रखना...

इन स्वांसो की माला पे मैं, सदा ही तेरा नाम सिमरूं
लागी राधा श्री राधा नाम वाली, लगन यह लगाए रखना
कृपा बरसाए रखना...

तेरे नाम के रंग में रंग के मैं डोलूं ब्रज गलियन में,
कहे ‘चित्र विचित्र’ श्यामा प्यारी वृन्दावन बसाए रखना
कृपा बरसाए रखना...

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हर्बल चिकित्सा के अनमोल रत्न

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

7.7.18

जय जय गिरिबरराज किसोरी ।



जय जय गिरिबरराज किसोरी ।

जय महेस मुख चंद चकोरी ॥

जय गज बदन षडानन माता ।

जगत जननि दामिनि दुति गाता ॥

नहिं तव आदि मध्य अवसाना ।

अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना ॥

भव भव बिभव पराभव कारिनि ।

बिस्व बिमोहनि स्वबस बिहारिनि ॥

सेवत तोहि सुलभ फल चारी ।

बरदायनी पुरारि पिआरी ॥

देबि पूजि पद कमल तुम्हारे ।

सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे ॥


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चिकित्सा आलेख-

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

छोटे वक्ष को उन्नत और सूडोल बनाएँ

थकान दूर करने के उपाय

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 


कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम



कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम

हितकारक संजीवनी, शिव चिंतन अविराम

पतित पावन जैसे मधु शिव रस नाम का घोल

भक्ति के हंसा ही चुगे मोती ये अनमोल

जैसे तनिक सुहाग सोने को चमकाए

जैसे चन्दन वृक्ष को डसते नहीं है साँप

शिव भक्तों के चोले को कभी न लगे दाग

ॐ नमः ॐ शिवायेदया निधि सती प्रिय शिव है तीनो लोक के स्वामी

कण कण में समाये है नीलकंठ त्रिपुरारी

चंद्रचूड के नेत्र उमापति विश्वेश

शरणागत के ये सदा कांटे सकल क्लेश

शिव द्वारे प्रपुंच का चले न कोई खेल

आग और पानी का जैसे होता नहीं मेल

तांडव स्वामी नटराज है डमरू वाले नाथ

शिव आराधना जो करे शिव है उनके साथ

ॐ नमः ॐ शिवाये

लाखों अश्वमेध यज्ञ है जैसे गंगा स्नान

इनसे उत्तम है सखी शिव चरणों का ध्यान

अलख निरंजन नाद से उपजे आत्मा ज्ञान

भक्तों को विश्वास मिले हो पूरण सब काम

महाबली महादेव है महा प्रभु महाकाल

असुर निकंदन भक्तों की पीड़ा हरे तत्काल

ॐ नमः ॐ शिवाय

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चिकित्सा आलेख-

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

छोटे वक्ष को उन्नत और सूडोल बनाएँ

थकान दूर करने के उपाय

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 


आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,
एक बस सँवारे तेरी यादो के बाद,

अपने चरणों में मुझको बिठा लीजिये,
अपने दिल में मेरा घर बना लीजिये,
क्या कृ दिल कही और लगता नहीं,
दिल में यादे तेरी बस जाने के बाद,

हार कर के मैं तेरी शरण आ गया,
तेरी किरपा से ही जीवन सफल हो गया,
तू ही तू है मेरे इस जीवन में प्रभु अब मैं जाऊ कहा तेरे द्वारे के बाद,
आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

आप का नाम दिल से निकलता नहीं,
बिन तेरे मेरा गुलशन ये खिलता नहीं,
भूल जाना तुम्हे मेरे बस में नहीं,
मैंने पाया तुम्हे ठोकर खाने के बाद,
आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

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हर्बल चिकित्सा के अनमोल रत्न 

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

छोटे वक्ष को उन्नत और सूडोल बनाएँ

थकान दूर करने के उपाय

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 


17.5.18

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी//नाथजी भजन

                              à¤¹à¤¿à¤£à¥à¤¡à¥‹ तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी के लिए इमेज परिणाम 
हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।
सतगुरु म्हारा, हिण्डे-हिण्डे सुरता नार ॥टेर॥
काया तो नगरिये मे सतगुरु म्हारा आमली जी।
सतगुरु म्हारा छायी छायी च्यारुँ मेर ॥1॥

अगर-चंदन को सतगुरु म्हारा पालणो जी।
सतगुरु म्हारा रेशम डोर घलाय ॥2॥
पाँच सखी मिल पाणीड़े न निसरी जी।
सतगुरु मेरा पाँचू ही एक उणियार ॥3॥
नाथ गुलाब से सतगुरु म्हारा विनती जी।
सतगुरु मेरा गावै-गावै भानीनाथ ॥4॥

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हर्बल चिकित्सा के अत्यंत उपयोगी आलेख-

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पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

24.3.18

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,



कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
मै तो मंदिर गया, पूजा-आरती की,
पूजा करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं,
सिर्फ पूजा के करने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मै तो सत्संग गया गुरुवाणी सूनी
गुरुवाणी को सुनकर ख्याल आ गया – 2
जन्म मानव का लेके दया न करी
फिर मानव कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मैंने दान किया मैंने जपतप किया,
दान करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं,
दान लाखो का करने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया,
गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया – 2
तन को धोया मगर मन को धोया नहीं,
फिर गंगा नहाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा

मैंने वेद पढ़े मैंने शास्त्र पढ़े,
शास्त्र पढ़ते हुए ये ख्याल आ गया – 2
मैंने ज्ञान किसी को बांटा नहीं,
फिर ज्ञानी कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मात पिता के ही चरणों में चारोधाम है,
आजा आजा यही मुक्ति का धाम है – 2
पिता माता की सेवा की ही नहीं,
फिर तीर्थो में जाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा

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हर्बल चिकित्सा के अत्यंत उपयोगी आलेख-

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गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

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गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी : निर्गुण भजन


गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ….

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

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हर्बल चिकित्सा के अत्यंत उपयोगी आलेख-

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गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

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4.3.18

मैं तो नाचूंगी सावरिया

                               

मैं  देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया,मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
जहेर का प्याला अमृत बनाया, जहेर का प्याला अमृत बनाया,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मेी डूब गया दिल,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मे डूब गया दिल,
जैसे जल मे गागरिया, जैसे जल मे गागरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,






रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
दुख से से कर चुप रहना है, दुख से से कर चुप रहना है,
कैसे बतौ कैसे बिच्छरी, कैसे बतौ कैसे बिच्छरी,
पिए के मुख से बासुरिया, पिए के मुख से बासुरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री,मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया मैं तो नाचूंगी सावरिया,
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चिकित्सा आलेख-


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20.2.18

कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते




कौन काटता राम के बंधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

जिनके मन में है श्री राम
जिनके तन में हैं श्री राम
जग में सबसे हैं वो बलवान
ऐसे प्यारे न्यारे मेरे हनुमान

राम और रावण युद्ध हुआ
हनुमान ने रक्षा किन्ही
हनुमान ने रक्षा किन्ही
लक्ष्मण को शक्ति लागि
ला संजीवनी दीन्हि
ला संजीवनी दीन्हि

कौन बचाता लक्ष्मण जी को
कौन बचाता लक्ष्मण जी को
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

राम लखन को हर कर ले गया
अहिरावण बलकारी अहिरावण बलकारी
बलि चढ़ाने काली की जब
उसने करि तैयारी उसने करि तैयारी

काली रूप धारकर हनु ने अहिरावण को मारा
राम लखन को छुड़ाके लाया
ये ही राम दुलारा ये ही राम दुलारा

काटता ये सब संकट
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बँधन जो हनुमान ना होते।।

भरत के प्राण बचावन कारण
आप अयोध्या आए आप अयोध्या आए
आय रहे है राम जी
समाचार पहुंचाए समाचार पहुंचाए

भरत ने उनको गले लगाया
धन्य धन्य उपकारी धन्य धन्य उपकारी
तुम ना होते हनुमान तो
जलती चिता हमारी जलती चिता हमारी

भरत की विपदा कौन मिटाता
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

कौन काटता राम के बँधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

जय जय महावीर बजरंगबलि
जय जय महावीर बजरंगबलि
बजरंगबली मोरी नाँव चली
बजरंगबली मोरी नाँव चली
जय जय महावीर बजरंगबलि
बोलो बजरंगबली की जय।।

हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे
करते तुमभक्तों के सपने पूरे
माँ अंजनी के तुम हो राजदुलारे
राम-सीता को लगते सबसे प्यारे||


चिकित्सा के अनमोल रत्न-

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाने से मूत्र समस्या का बिना आपरेशन 100% समाधान

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे 


19.2.18

लाख दुखो की एक दवाई


      Bhajan


कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,


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चिकित्सा आलेख-

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

छोटे वक्ष को उन्नत और सूडोल बनाएँ

थकान दूर करने के उपाय

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 









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मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने


                    


मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

छवि लखी मैने श्याम की जब से
छवि लखी मैने श्याम की जब से
भई बावरी मैं तो तब से
भई बावरी मैं तो तब से
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
नाता तोड़ा मैने जाग से
नाता तोड़ा मैने जाग से
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने

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चिकित्सा आलेख-

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

छोटे वक्ष को उन्नत और सूडोल बनाएँ

थकान दूर करने के उपाय

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 






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18.2.18

आग बहे तेरी राग में तुझसा कहा कोई जाग में

             Bhajan 





आग बहे तेरी राग में
तुझसा कहा कोई जाग में
है वक़्त का तू ही तो पहला पहर
तू आँख जो खोले तो ढाए कहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
ना ना आदि अंत उसका है
वो सबका ना इनका उनका
वोही है माला वोही है मनका
मस्त मलांग वो अपनी धुन का
मंतर जंतर अंतर ज्ञानी
है सर्वागया स्वाभिमानी
मृत्युंजय है महाविनाशी
ओंकार है ईससिकी वाणी
इसीकि इसीकि वाणी
धतूरा भांग बेल का पत्ता
तीनो लोक उससी की सत्ता
विष पीकर भी अडेक़ अमर है
महादेव हर हर है जप्ता
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
अघोर्ाणना पारो मंतरा
नास्ती तटवाँ गुरो परम

महादेव नगेंद्रा हराया त्रिलोचनया
बासमानगा रगया महेस्वरया
नित्याया शुधया दिगंबराया
तस्मै नकाराया नमशिवाया
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
महादेव जी त्रहिमँ पाहिमँ
शरणागतम पाहिमँ
शिवा रक्षामाम
शिवा शिवा पाहिमँ
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
में जाता गंगा चाँद मुकुट है
सोमया कभी कभी बड़ा विकट है
आग से जन्मा है कैलषी
शक्ति जिसकी दरस की प्यासी
है प्यासी हन प्यासी
भी राम उसका रावण उसका
जीवन उसका मारन भी उसका
तांडव है और ध्यान भी वो है
अगयानी का गयाँ भी वो है
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तू ही शिवा तुझमे ईश्वर
कोई नही यहाँ तेरे सिवा
उड़ा राख अग्नि को ज्वाला तू कर
मिटा दे अंधेरे तू बन के सहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
कैलषी
शक्ति .
तो बोलो हर हर हर
यक्षा स्वरूपया जात्ता ढाया
प्यार हस्तताया सनातन्येया
दिव्याया डेवाया दंगंबराया
तस्मै यकराया नमशिवाया
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चिकित्सा के अनमोल रत्न-







न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ

चित्रपट / Film: Kaala Bazaar
संगीतकार / Music Director: सचिन देव बर्मन-(S D Burman)
गीतकार / Lyricist: Shailendra
गायक / Singer(s): Sudha Malhotra,  Geeta

    Bhajan 

न मैं धन चाहूँ, 

न रतन चाहूँ
तेरे चरणों की धूल मिल जाये 
तो मैं तर जाऊँ, हाँ मैं तर जाऊँ 
हे राम तर जाऊँ... 
मोह मन मोहे, 
लोभ ललचाये कैसे कैसे ये नाग लहराये
 इससे पहले कि मन उधर जाये
मैं तो मर जाऊँ,
 हाँ मैं मर जाऊँ 
हे राम मर जाऊँ 
थम गया पानी, 
जम गयी कायी
 बहती नदिया ही साफ़ कहलायी 
मेरे दिल ने ही जाल फैलाये 
अब किधर जाऊँ, मैं किधर जाऊँ - २ 
अब किधर जाऊँ,
 मैं किधर जाऊँ... 
लाये क्या थे जो लेके जाना है 
नेक दिल ही तेरा खज़ाना है 
शाम होते ही पंछी आ जाये अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ...
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चिकित्सा के अनमोल रत्न-

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाने से मूत्र समस्या का बिना आपरेशन 100% समाधान

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे 





7.1.18

तू की जाने सावरिया



तू की जाने सावरिया

प्रीत की रीत को ना समझे, हाए वो प्रीत निभाना क्या जाने,
जिस दिल ने चोट ना खाई हो, वो नीर बहाना क्या जाने,

तू की जाने सावरिया, हो तू की जाने सावरिया
की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
तेरे पीछे मई सब्नू चढ़ेया फिर भी तू नि आया है,
नींद ना आव सानू, हो प्रीतम परेया, हो मेरे मान मोहना,
ते जाग वेल सोंदे है,ते जाग वेल सोंदे है,
नींद ना आव सानू,ते जाग वेल सोंदे है,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

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चिकित्सा के अनमोल रत्न-

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाने से मूत्र समस्या का बिना आपरेशन 100% समाधान

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे 




3.1.18

मेरी किशोरी राधे प्यारी किशोरी राधे


रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
मेरी किशोरी राधे, प्यारी किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

नंद बाबा के कुंवर कन्हैया, नंद बाबा के कुंवर कन्हैया,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
वृंदावन के बांके बिहारी, वृंदावन के बांके बिहारी,
तुम बरसाने वाली, तुम बरसाने वाली, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

कमल नयन चरणं मे लीजो, कमल नयन चरणं मे लीजो,
आयो शरण तिहारी, आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

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चिकित्सा के अनमोल रत्न-

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाने से मूत्र समस्या का बिना आपरेशन 100% समाधान

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे 


31.12.17

हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या// नाथजी भजन


हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या।
बन कै अन्दर तपै महात्मा,देख भरथरी अटक्या॥टेर॥


घोड़े पर से तुरत कूद कर, चरणां शीश नवाया। आर्शीवाद देह साधू ने, आसन पर बैठाया॥
बडे प्रेम सँ जाय कुटी मँ, एक अमर फल ल्याया। इस फल को तू खाले राजा, अमर होज्या तेरीकाया
राजा नै ले लिया अमर फल, तुरत जेव मँ पटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥1॥


राजी होकर चल्या भरथरी, रंग महल मँ आया। राणी को जा दिया अमरफल, गुण उसका बतलाया॥
निरभागण राणी नै भी वो नहीं अमर फल खाया। चाकर सँ था प्रेम महोबत उसको जा बतलाया॥ प्रेमी रै मन प्रेमी बसता, प्रेम जिगर मँ खटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥2॥


उसी शहर की गणिका सेती, थी चाकर की यारी। उसको जाकर दिया अमरफल थी राणी सँ प्यारी॥ अमर होयकर क्या करणा है, गणिका बात बिचारी। राजा को जा दिया अमरफल,इस को खा तपधारी॥ राजा नै पहचान लिया है, होठ भूप का छिटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥3॥


क्रोधित होकर राज बोल्या, ये फल कित सँ ल्याई। गणित सोच्या ज्यान का खतरा, साँची बात बताई॥ चाकर दीन्या भेद खोल, जद होणै लगी पिटाई। हरिनारायण शर्मा कहता, बात समझ में आई॥ उपज्जा ज्ञान भरथरी को जद, बण बैरागी भटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥4॥