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Saturday, August 20, 2016

साधो ऐसा ही गुर भावे

साधो ऐसा ही गुर भावे
राग रंग का भर भर प्याला
पीवे और पिलावे, साधो

नाद छिपा तन में लय मन में
कोई ... कोई पता ... कोई
कोई पता ना पावे
देखे और दिखावे, साधो ...
चाँद सूरज सा लोचन गुरू का

परमहँस गुरुवंस रूप जब
हृदय बीच बिराजे
ओंकार धुन गावे, साधो ...
सात सुरों की बानी मेरी ओम~
सात सुरों की बानी मेरी

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