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8.7.16

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया


दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥


द्वारे पे उसके जाके कोई भी पुकारता,
परम कृपा दे अपनी भव से उभारता ।
ऐसे दीनानाथ पे बलिहारी सारी दुनिया,
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ॥


दो दिन का जीवन प्राणी कर ले विचार तू,
प्यारे प्रभु को अपने मन में निहार तू ।
बिना हरी नाम के दुखिआरी सारी दुनिया,
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ॥


नाम का प्रकाश जब अंदर जगायेगा,
प्यारे श्री राम का तू दर्शन पायेगा ।
ज्योति से जिसकी है उजयारी सारी दुनिया,
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ॥