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Thursday, June 23, 2016

शाम तेरी मुरली पागल कर जाती है Shyam teri murli.... Krishna Bhajan by Alka Goel

शाम तेरी मुरली  पागल कर जाती है ,
  Shyam teri murli,
 Krishna Bhajan,
 by Alka Goel

    कृष्ण भजन 



 

हे श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है,
मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है।


सोने की होती जो, ना जाने क्या करती,

जब बांस की होकर यह दुनिया को नचाती है।
तुम गोरे होते जो, ना जाने क्या करते,

जब काले रंग पे यह दुनिया मर जाती है।
कभी रास रचाते हो, कभी बंसी बजाते हो,

कभी माखन खाने की मन में आ जाती है।


जय गोविंदा जय गोपाला,

मुरली मनोहर मुरली वाला।



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