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Thursday, June 23, 2016

सूना सूना लागे बिरज का धाम : suna suna lage biraj ka dham



सूना सूना लागे बिरज का धाम,
 suna suna lage biraj ka dham,


         krishna bhajan 

सूना सूना लागे बृज का धाम,
गोकुल को छोड़ चले रे घन्श्याम |

यमुना रोए, मधुबन रोए, यमुना रोए, रोए कदम की शय्या,

भर भर नैना रोए रे गवाले, रोये बृज की गईआं |
राह रोक कर रोए मनसुखा, बिशड रहे मोरे श्याम रे ||

बोल सके ना घर के पंशी, असुअन से भरे नैना,

आजा काहना, ना ज काहना, कूके रे पिंजरे की मैना |
नदिया रोये, गिरिवर रोये, ले कहना का नाम रे ||

प्रेम दीवानी राधा रानी, भर नैना में पानी,

सुबक सुबक कहे हाय रे कहना, तुने बिरहा की पीर ना जानी |
कैसे कटेगी, तुम बिन साथी जीव की अब श्याम रे ||


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