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18.6.16

मेरी विनती सुनो भगवान "MERI VINTI SUNO BHAGWAN"BY MOHD.RAFI,M.D:HEMENT KUMAR-TAAJ-1956"

मेरी विनती सुनो भगवान,
  "MERI VINTI SUNO BHAGWAN",


           भजन 

मोरी बिनती सुनो भगवान, अब मोरी बिनती सुनो भगवान
आज मेरी टूटी बीना में फिर से डारो प्राण


आज भरे दरबार में स्वामी रखियो मेरी लाज
न माँगू यह महल-खज़ाने ना माँगू यह ताज
रागि को बस सात सुरों का दाता दे वरदान
जब तक टूटा तार न बोले, जग में रहे अँधेरा
अब मोरी बिनती सुनो भगवान ...


सूरज की रफ़्तार बदल दे, मान तू रख ले मेरा
जिस जग में संगीत नहीं वह हो जाये शमशान
शबन्म से निकले अँगारे डाल-डाल जल जाये
काँटो से भर जाये बगिया, रेती फूल खिलाये
वह हो जाये शमशान