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Tuesday, May 31, 2016

गुरु मिले ब्रह्मज्ञानी GURU MILE BRAHMA GYANI *** BY RAJESHWAR BABA SAKTESHGARH

गुरु मिले ब्रह्मज्ञानी
 GURU MILE BRAHMA GYANI 
कबीर 

  

भजन 
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी,
पाई अमर निशानी ।
गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी


काग पलट गुरु हंसा किन्हे,
दीन्हि नाम निशानी ।
हंसा पहुंचे सुख-सागर पर,
मुक्ति भरे जहाँ पानी ॥
गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी,
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी ॥


जल विच कुम्भ,कुम्भ विच जल है,
बाहर भीतर पानी ।
विकस्यो कुम्भ जल जल ही समाना,
यह गति विरले ने जानी ॥
गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी,
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी ॥


है अथाह थाह संतन में,
दरिया लहर समानी ।
धीवर डाल जाल का करिहै,
जब नीम पिघल भए पानी ॥
गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी,
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी ॥


अन्धो का ज्ञान, उजल तकि वाणी ,
सोहे अकछ कहानी ।
कहे कबीर गूंगे की सेना,जिन जानी उन मानी ॥
गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी,
हमारे गुरु मिले ब्रम्हज्ञानी ॥

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