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29.5.16

राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।



दोहा : राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण ।
कभी तो दीन दयाल के भनक पड़ेगी कान ।


राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।
राम ही तारे राम उभरे, राम नाम दोहराए जा |


सुबह यहाँ तो श्याम वहां है, राम बिना आराम कहाँ है ।
राम रमैया गाये जा, प्रभु से प्रीत लगाए जा |


भटकाए जब भूल भुलैया, बीच भावर जब अटके नैया ।
राम रमैया गाये जा, हर उलझन सुलझाए जा |


राम नाम बिन जागा सोया, अन्धिआरे में जीवन खोया ।
राम रमैया गाये जा, मन का दीप जलाए जा |