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Friday, April 1, 2016

तोरा मन दर्पण कहलाए Kaajal - Tora Mann Darpan Kehlaye - Asha Bhonsle

प्राणी अपने प्रभु से पूछे किस विधी पाऊँ तोहे
प्रभु कहे तु मन को पा ले, पा जयेगा मोहे
तोरा मन दर्पण कहलाये
भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये
तोरा मन दर्पण कहलाये
मन उजियारा जब जब फैले, जग उजियारा होय
मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से बड़ा न कोय
सुख की कलियाँ, दुख के कांटे, मन सबका आधार
इस उजले दर्पण पे प्राणी, धूल न जमने पाये
तोरा मन दर्पण कहलाये
तोरा मन दर्पण कहलाये
मन से कोई बात छुपे ना, मन के नैन हज़ार
जग से चाहे भाग लो कोई, मन से भाग न पाये
मन की क़दर भुलानेवाला वीराँ जनम गवाये
तन की दौलत ढलती छाया मन का धन अनमोल
तन के कारण मन के धन को मत माटि मेइन रौंद

तोरा मन दर्पण कहलाये

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