http://feeds.feedburner.com/blogspot/GKoTZ

Tuesday, August 25, 2015

मन लाग्यो म्रेरो यार फकीरी में man lagyo mero yaar fakiri me

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

जो सुख पाऊं राम भजन में
सो सुख नाहिं अमीरी में...

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

भला बुरा सबका सुन लीजे
कर गुजरान गरीबी में...
मन लग्यो मेरो यार फ़कीरी में...

आखिर यह तन छार मिलेगा
कहां फ़िरत मगरूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

प्रेम नगर में रहन हमारी
साहिब मिले सबूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

कहत कबीर सुनो भई साधो
सहिब मिले सबूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

1 comment: