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Sunday, July 19, 2015

सुर की गति मैं क्या जानूँ . Sur ki gati main kya jaanun

सुर की गति मैं क्या जानूँ . 
एक भजन करना जानूँ .. 
अर्थ भजन का भी अति गहरा  
उस को भी मैं क्या जानूँ .. 
प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ 
नैना जल भरना जानूँ .. 

गुण गाये प्रभु न्याय न छोड़े 
फिर तुम क्यों गुण गाते हो 
मैं बोला मैं प्रेम दीवाना 
इतनी बातें क्या जानूँ .. 
प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ 
नैना जल भरना जानूँ .

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