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9.7.18

सारे जग का है वो रखवाला,



सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

एक चोर चला शिव मंदिर में,

पाप था उसके अंदर में,

घंटा आया उसे नज़र,

जो था लगा शिव के ऊपर

लेकिन था काफी ऊंचे,

उस तक वो कैसे पहुंचे, हो ओ ओ ओ ओ

कैसा लालच ने चक्कर में डाला,

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

उपाय समझ जब आया है,

चोर खड़ा मुस्काया है,

शिव मूरत पर चढ़कर,

हाथ लगाया घंटे पर,

घंटा घन घन बोल उठा,

चोर का मनवा डॉल उठा, हो ओ ओ ओ

वहां प्रगट हुआ डमरू वाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

मांग मांग बोले शंकर,

ले ले तू मनचाहा वार,

चोर खड़ा कांपे थर थर,

देख रहा इधर उधर,

मैं तो चोर उचक्का हूँ,

झूठा कपटी पक्का हूँ हो ओ ओ ओ

बाबा सचमुच है तू भोला भाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

कोई मोदक मेवा लता है,

कोई चन्दन मुझपे चढ़ाता है,

पर तू ने अपना तन,

कर दीन्हा मुझपे अर्पण

तू भक्त है मेरा चोर नहीं,

तेरे जैसा और नहीं, हो ओ ओ ओ

झट बोले यूँ दीन दयाला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

शंकर अन्तर्धान हुआ,

चोर को तब ये ज्ञान हुआ,

छोड़ कर बुरे धंधे ,

शिव का पक्का भगत बना,

‘ताराचंद‘ भी दस तेरा,

कष्ट हरो शिव तुम मेरा, हो ओ ओ ओ

निसिदिन जपूं तुम्हारी माला

सारे जग का है वो रखवाला,

हो भोले शंकर है जग से निराला,

बम भोला,बम भोला, बम भोला -भोला

बम भोला,बम भोला, बम भोला

8.7.18

मेरे पापा जैसा कोई नहीं

                                              
चाहे वो इंसान हैं पर मेरे लिए भगवान् हैं,
बिन मांगें सब कुछ देते बदले में कुछ ना लेते,
क्या कहना उनके बारे है,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,
मेरे पापा सबसे प्यारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

जब था बचपन मेरा पापा बड़े खलौने लाते थे,
जो भी कहता में था पापा मेरे बोल पुगाते थे,
उन्होंने मेरे खाब सवारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

लाकर दी थी सइकिल मुझको जब मैं स्कूल में पढ़ता था,
समय समय पर सब मिल जाता कहना भी ना पड़ता था,
वो जानते सब इशारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

कदम कदम पे साथ चलके ज़िन्दगी मेरी संभाली है,
फूलों की रखवाली जैसे करता कोई माली है,
कांटे चुनके तोड़े सारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

ऐसी कोई बात नहीं जो पापा ने ना मानी हो,
मेरी आँख में अब तक जिसने आने दिया ना पानी हो,
सागर पापा बड़े न्यारे हैं,
मेरे पापा जैसा कोई नहीं,

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना

                               
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से लिपटाए रखना

छोड दुनिया के झूठे नाते सारे, किशोरी तेरे दर पे आ गया
मैंने तुमको पुकारा ब्रज रानी, जग से बचाए से रखना,
कृपा बरसाए रखना...

इन स्वांसो की माला पे मैं, सदा ही तेरा नाम सिमरूं
लागी राधा श्री राधा नाम वाली, लगन यह लगाए रखना
कृपा बरसाए रखना...

तेरे नाम के रंग में रंग के मैं डोलूं ब्रज गलियन में,
कहे ‘चित्र विचित्र’ श्यामा प्यारी वृन्दावन बसाए रखना
कृपा बरसाए रखना...

7.7.18

जय जय गिरिबरराज किसोरी ।



जय जय गिरिबरराज किसोरी ।

जय महेस मुख चंद चकोरी ॥

जय गज बदन षडानन माता ।

जगत जननि दामिनि दुति गाता ॥

नहिं तव आदि मध्य अवसाना ।

अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना ॥

भव भव बिभव पराभव कारिनि ।

बिस्व बिमोहनि स्वबस बिहारिनि ॥

सेवत तोहि सुलभ फल चारी ।

बरदायनी पुरारि पिआरी ॥

देबि पूजि पद कमल तुम्हारे ।

सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे ॥

कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम



कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम

हितकारक संजीवनी, शिव चिंतन अविराम

पतित पावन जैसे मधु शिव रस नाम का घोल

भक्ति के हंसा ही चुगे मोती ये अनमोल

जैसे तनिक सुहाग सोने को चमकाए

जैसे चन्दन वृक्ष को डसते नहीं है साँप

शिव भक्तों के चोले को कभी न लगे दाग

ॐ नमः ॐ शिवायेदया निधि सती प्रिय शिव है तीनो लोक के स्वामी

कण कण में समाये है नीलकंठ त्रिपुरारी

चंद्रचूड के नेत्र उमापति विश्वेश

शरणागत के ये सदा कांटे सकल क्लेश

शिव द्वारे प्रपुंच का चले न कोई खेल

आग और पानी का जैसे होता नहीं मेल

तांडव स्वामी नटराज है डमरू वाले नाथ

शिव आराधना जो करे शिव है उनके साथ

ॐ नमः ॐ शिवाये

लाखों अश्वमेध यज्ञ है जैसे गंगा स्नान

इनसे उत्तम है सखी शिव चरणों का ध्यान

अलख निरंजन नाद से उपजे आत्मा ज्ञान

भक्तों को विश्वास मिले हो पूरण सब काम

महाबली महादेव है महा प्रभु महाकाल

असुर निकंदन भक्तों की पीड़ा हरे तत्काल

ॐ नमः ॐ शिवाय

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,
एक बस सँवारे तेरी यादो के बाद,

अपने चरणों में मुझको बिठा लीजिये,
अपने दिल में मेरा घर बना लीजिये,
क्या कृ दिल कही और लगता नहीं,
दिल में यादे तेरी बस जाने के बाद,

हार कर के मैं तेरी शरण आ गया,
तेरी किरपा से ही जीवन सफल हो गया,
तू ही तू है मेरे इस जीवन में प्रभु अब मैं जाऊ कहा तेरे द्वारे के बाद,
आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

आप का नाम दिल से निकलता नहीं,
बिन तेरे मेरा गुलशन ये खिलता नहीं,
भूल जाना तुम्हे मेरे बस में नहीं,
मैंने पाया तुम्हे ठोकर खाने के बाद,
आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

17.5.18

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी//नाथजी भजन

                              à¤¹à¤¿à¤£à¥à¤¡à¥‹ तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी के लिए इमेज परिणाम 
हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।
सतगुरु म्हारा, हिण्डे-हिण्डे सुरता नार ॥टेर॥
काया तो नगरिये मे सतगुरु म्हारा आमली जी।
सतगुरु म्हारा छायी छायी च्यारुँ मेर ॥1॥

अगर-चंदन को सतगुरु म्हारा पालणो जी।
सतगुरु म्हारा रेशम डोर घलाय ॥2॥
पाँच सखी मिल पाणीड़े न निसरी जी।
सतगुरु मेरा पाँचू ही एक उणियार ॥3॥
नाथ गुलाब से सतगुरु म्हारा विनती जी।
सतगुरु मेरा गावै-गावै भानीनाथ ॥4॥



24.3.18

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,



कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
मै तो मंदिर गया, पूजा-आरती की,
पूजा करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं,
सिर्फ पूजा के करने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मै तो सत्संग गया गुरुवाणी सूनी
गुरुवाणी को सुनकर ख्याल आ गया – 2
जन्म मानव का लेके दया न करी
फिर मानव कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मैंने दान किया मैंने जपतप किया,
दान करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं,
दान लाखो का करने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया,
गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया – 2
तन को धोया मगर मन को धोया नहीं,
फिर गंगा नहाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा

मैंने वेद पढ़े मैंने शास्त्र पढ़े,
शास्त्र पढ़ते हुए ये ख्याल आ गया – 2
मैंने ज्ञान किसी को बांटा नहीं,
फिर ज्ञानी कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मात पिता के ही चरणों में चारोधाम है,
आजा आजा यही मुक्ति का धाम है – 2
पिता माता की सेवा की ही नहीं,
फिर तीर्थो में जाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी : निर्गुण भजन


गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ….

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

4.3.18

मैं तो नाचूंगी सावरिया

                               

मैं  देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया,मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
जहेर का प्याला अमृत बनाया, जहेर का प्याला अमृत बनाया,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मेी डूब गया दिल,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मे डूब गया दिल,
जैसे जल मे गागरिया, जैसे जल मे गागरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,


रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
दुख से से कर चुप रहना है, दुख से से कर चुप रहना है,
कैसे बतौ कैसे बिच्छरी, कैसे बतौ कैसे बिच्छरी,
पिए के मुख से बासुरिया, पिए के मुख से बासुरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री,मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया मैं तो नाचूंगी सावरिया,