http://feeds.feedburner.com/blogspot/GKoTZ

17.5.18

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी//नाथजी भजन

                              à¤¹à¤¿à¤£à¥à¤¡à¥‹ तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी के लिए इमेज परिणाम 
हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।
सतगुरु म्हारा, हिण्डे-हिण्डे सुरता नार ॥टेर॥
काया तो नगरिये मे सतगुरु म्हारा आमली जी।
सतगुरु म्हारा छायी छायी च्यारुँ मेर ॥1॥

अगर-चंदन को सतगुरु म्हारा पालणो जी।
सतगुरु म्हारा रेशम डोर घलाय ॥2॥
पाँच सखी मिल पाणीड़े न निसरी जी।
सतगुरु मेरा पाँचू ही एक उणियार ॥3॥
नाथ गुलाब से सतगुरु म्हारा विनती जी।
सतगुरु मेरा गावै-गावै भानीनाथ ॥4॥




24.3.18

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,



कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा
मै तो मंदिर गया, पूजा-आरती की,
पूजा करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं,
सिर्फ पूजा के करने से क्या फायदा
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मै तो सत्संग गया गुरुवाणी सूनी
गुरुवाणी को सुनकर ख्याल आ गया – 2
जन्म मानव का लेके दया न करी
फिर मानव कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मैंने दान किया मैंने जपतप किया,
दान करते हुए ये ख्याल आ गया – 2
कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं,
दान लाखो का करने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया,
गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया – 2
तन को धोया मगर मन को धोया नहीं,
फिर गंगा नहाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा

मैंने वेद पढ़े मैंने शास्त्र पढ़े,
शास्त्र पढ़ते हुए ये ख्याल आ गया – 2
मैंने ज्ञान किसी को बांटा नहीं,
फिर ज्ञानी कहलाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा

मात पिता के ही चरणों में चारोधाम है,
आजा आजा यही मुक्ति का धाम है – 2
पिता माता की सेवा की ही नहीं,
फिर तीर्थो में जाने से क्या फायदा

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं,
बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं,
बाद आंसू बहाने से क्या फायदा

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी : निर्गुण भजन


गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ….

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

4.3.18

मैं तो नाचूंगी सावरिया

                               

मैं  देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया,मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
श्याम ने मुझको पागल बनाया, श्याम ने मुझको पागल बनाया,
जहेर का प्याला अमृत बनाया, जहेर का प्याला अमृत बनाया,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मेी डूब गया दिल,
प्रेम के रंग मे डूब गया दिल, प्रेम के रंग मे डूब गया दिल,
जैसे जल मे गागरिया, जैसे जल मे गागरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,


रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
रो रो कर हर दुख शेना है, रो रो कर हर दुख शेना है,
दुख से से कर चुप रहना है, दुख से से कर चुप रहना है,
कैसे बतौ कैसे बिच्छरी, कैसे बतौ कैसे बिच्छरी,
पिए के मुख से बासुरिया, पिए के मुख से बासुरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मे तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री, सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं देखु जिस और सखी री,मैं देखु जिस और सखी री,
मैं देखु जिस और सखी री, मैं देखु जिस और सखी री,
सामने मेरे सावरिया, सामने मेरे सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया, मैं तो नाचूंगी सावरिया,
मैं तो नाचूंगी सावरिया मैं तो नाचूंगी सावरिया,

20.2.18

कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते




कौन काटता राम के बंधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।



जिनके मन में है श्री राम
जिनके तन में हैं श्री राम
जग में सबसे हैं वो बलवान
ऐसे प्यारे न्यारे मेरे हनुमान

राम और रावण युद्ध हुआ
हनुमान ने रक्षा किन्ही
हनुमान ने रक्षा किन्ही
लक्ष्मण को शक्ति लागि
ला संजीवनी दीन्हि
ला संजीवनी दीन्हि

कौन बचाता लक्ष्मण जी को
कौन बचाता लक्ष्मण जी को
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

राम लखन को हर कर ले गया
अहिरावण बलकारी अहिरावण बलकारी
बलि चढ़ाने काली की जब
उसने करि तैयारी उसने करि तैयारी

काली रूप धारकर हनु ने अहिरावण को मारा
राम लखन को छुड़ाके लाया
ये ही राम दुलारा ये ही राम दुलारा

काटता ये सब संकट
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बँधन जो हनुमान ना होते।।

भरत के प्राण बचावन कारण
आप अयोध्या आए आप अयोध्या आए
आय रहे है राम जी
समाचार पहुंचाए समाचार पहुंचाए

भरत ने उनको गले लगाया
धन्य धन्य उपकारी धन्य धन्य उपकारी
तुम ना होते हनुमान तो
जलती चिता हमारी जलती चिता हमारी

भरत की विपदा कौन मिटाता
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

कौन काटता राम के बँधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

जय जय महावीर बजरंगबलि
जय जय महावीर बजरंगबलि
बजरंगबली मोरी नाँव चली
बजरंगबली मोरी नाँव चली
जय जय महावीर बजरंगबलि
बोलो बजरंगबली की जय।।

हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे
करते तुमभक्तों के सपने पूरे
माँ अंजनी के तुम हो राजदुलारे
राम-सीता को लगते सबसे प्यारे||





19.2.18

लाख दुखो की एक दवाई


      Bhajan
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,






मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने


                    


मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

छवि लखी मैने श्याम की जब से
छवि लखी मैने श्याम की जब से
भई बावरी मैं तो तब से
भई बावरी मैं तो तब से
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
नाता तोड़ा मैने जाग से
नाता तोड़ा मैने जाग से
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने




18.2.18

आग बहे तेरी राग में तुझसा कहा कोई जाग में

             Bhajan 
आग बहे तेरी राग में
तुझसा कहा कोई जाग में
है वक़्त का तू ही तो पहला पहर
तू आँख जो खोले तो ढाए कहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
ना ना आदि अंत उसका है
वो सबका ना इनका उनका
वोही है माला वोही है मनका
मस्त मलांग वो अपनी धुन का
मंतर जंतर अंतर ज्ञानी
है सर्वागया स्वाभिमानी
मृत्युंजय है महाविनाशी
ओंकार है ईससिकी वाणी
इसीकि इसीकि वाणी
धतूरा भांग बेल का पत्ता
तीनो लोक उससी की सत्ता
विष पीकर भी अडेक़ अमर है
महादेव हर हर है जप्ता
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
अघोर्ाणना पारो मंतरा
नास्ती तटवाँ गुरो परम

महादेव नगेंद्रा हराया त्रिलोचनया
बासमानगा रगया महेस्वरया
नित्याया शुधया दिगंबराया
तस्मै नकाराया नमशिवाया
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
महादेव जी त्रहिमँ पाहिमँ
शरणागतम पाहिमँ
शिवा रक्षामाम
शिवा शिवा पाहिमँ
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
में जाता गंगा चाँद मुकुट है
सोमया कभी कभी बड़ा विकट है
आग से जन्मा है कैलषी
शक्ति जिसकी दरस की प्यासी
है प्यासी हन प्यासी
भी राम उसका रावण उसका
जीवन उसका मारन भी उसका
तांडव है और ध्यान भी वो है
अगयानी का गयाँ भी वो है
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तू ही शिवा तुझमे ईश्वर
कोई नही यहाँ तेरे सिवा
उड़ा राख अग्नि को ज्वाला तू कर
मिटा दे अंधेरे तू बन के सहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
कैलषी
शक्ति .
तो बोलो हर हर हर
यक्षा स्वरूपया जात्ता ढाया
प्यार हस्तताया सनातन्येया
दिव्याया डेवाया दंगंबराया
तस्मै यकराया नमशिवाया

न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ

चित्रपट / Film: Kaala Bazaar
संगीतकार / Music Director: सचिन देव बर्मन-(S D Burman)
गीतकार / Lyricist: Shailendra
गायक / Singer(s): Sudha Malhotra,  Geeta

    Bhajan 

न मैं धन चाहूँ, 

न रतन चाहूँ
तेरे चरणों की धूल मिल जाये 
तो मैं तर जाऊँ, हाँ मैं तर जाऊँ 
हे राम तर जाऊँ... 
मोह मन मोहे, 
लोभ ललचाये कैसे कैसे ये नाग लहराये
 इससे पहले कि मन उधर जाये
मैं तो मर जाऊँ,
 हाँ मैं मर जाऊँ 
हे राम मर जाऊँ 
थम गया पानी, 
जम गयी कायी
 बहती नदिया ही साफ़ कहलायी 
मेरे दिल ने ही जाल फैलाये 
अब किधर जाऊँ, मैं किधर जाऊँ - २ 
अब किधर जाऊँ,
 मैं किधर जाऊँ... 
लाये क्या थे जो लेके जाना है 
नेक दिल ही तेरा खज़ाना है 
शाम होते ही पंछी आ जाये अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ...



7.1.18

तू की जाने सावरिया



तू की जाने सावरिया

प्रीत की रीत को ना समझे, हाए वो प्रीत निभाना क्या जाने,
जिस दिल ने चोट ना खाई हो, वो नीर बहाना क्या जाने,

तू की जाने सावरिया, हो तू की जाने सावरिया
की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
तेरे पीछे मई सब्नू चढ़ेया फिर भी तू नि आया है,
नींद ना आव सानू, हो प्रीतम परेया, हो मेरे मान मोहना,
ते जाग वेल सोंदे है,ते जाग वेल सोंदे है,
नींद ना आव सानू,ते जाग वेल सोंदे है,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,