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20.2.18

कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते




कौन काटता राम के बंधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।



जिनके मन में है श्री राम
जिनके तन में हैं श्री राम
जग में सबसे हैं वो बलवान
ऐसे प्यारे न्यारे मेरे हनुमान

राम और रावण युद्ध हुआ
हनुमान ने रक्षा किन्ही
हनुमान ने रक्षा किन्ही
लक्ष्मण को शक्ति लागि
ला संजीवनी दीन्हि
ला संजीवनी दीन्हि

कौन बचाता लक्ष्मण जी को
कौन बचाता लक्ष्मण जी को
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

राम लखन को हर कर ले गया
अहिरावण बलकारी अहिरावण बलकारी
बलि चढ़ाने काली की जब
उसने करि तैयारी उसने करि तैयारी

काली रूप धारकर हनु ने अहिरावण को मारा
राम लखन को छुड़ाके लाया
ये ही राम दुलारा ये ही राम दुलारा

 

कौन काटता ये सब संकट
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बँधन जो हनुमान ना होते।।

भरत के प्राण बचावन कारण
आप अयोध्या आए आप अयोध्या आए
आय रहे है राम जी
समाचार पहुंचाए समाचार पहुंचाए

भरत ने उनको गले लगाया
धन्य धन्य उपकारी धन्य धन्य उपकारी
तुम ना होते हनुमान तो
जलती चिता हमारी जलती चिता हमारी

भरत की विपदा कौन मिटाता
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

कौन काटता राम के बँधन
जो हनुमान ना होते जो हनुमान ना होते
कौन काटता राम के बंधन जो हनुमान ना होते।।

जय जय महावीर बजरंगबलि
जय जय महावीर बजरंगबलि
बजरंगबली मोरी नाँव चली
बजरंगबली मोरी नाँव चली
जय जय महावीर बजरंगबलि
बोलो बजरंगबली की जय।।

हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे
करते तुमभक्तों के सपने पूरे
माँ अंजनी के तुम हो राजदुलारे
राम-सीता को लगते सबसे प्यारे||

19.2.18

लाख दुखो की एक दवाई


      Bhajan
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,
कृष्णा ही हम सबके जीवन है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
 

कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,
कृष्णा सवास है वो विस्वास है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा करम है कृष्णा धरम है
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,
लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,
कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,



मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने


                    


मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

छवि लखी मैने श्याम की जब से
छवि लखी मैने श्याम की जब से
भई बावरी मैं तो तब से
भई बावरी मैं तो तब से
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी पागल प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने

बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
नाता तोड़ा मैने जाग से
नाता तोड़ा मैने जाग से
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
ये कैसी निगोडी प्रीत दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रीत यह दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मॅन का मीत दुनिया क्या जाने

18.2.18

आग बहे तेरी राग में तुझसा कहा कोई जाग में

             Bhajan 
आग बहे तेरी राग में
तुझसा कहा कोई जाग में
है वक़्त का तू ही तो पहला पहर
तू आँख जो खोले तो ढाए कहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
ना ना आदि अंत उसका है
वो सबका ना इनका उनका
वोही है माला वोही है मनका
मस्त मलांग वो अपनी धुन का
मंतर जंतर अंतर ज्ञानी
है सर्वागया स्वाभिमानी
मृत्युंजय है महाविनाशी
ओंकार है ईससिकी वाणी
इसीकि इसीकि वाणी
धतूरा भांग बेल का पत्ता
तीनो लोक उससी की सत्ता
विष पीकर भी अडेक़ अमर है
महादेव हर हर है जप्ता
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
अघोर्ाणना पारो मंतरा
नास्ती तटवाँ गुरो परम

महादेव नगेंद्रा हराया त्रिलोचनया
बासमानगा रगया महेस्वरया
नित्याया शुधया दिगंबराया
तस्मै नकाराया नमशिवाया
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
शिवा प्रेज़ेंट्स
शिवा इन फ्रंट ऑफ
शिवा
महादेव जी त्रहिमँ पाहिमँ
शरणागतम पाहिमँ
शिवा रक्षामाम
शिवा शिवा पाहिमँ
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
में जाता गंगा चाँद मुकुट है
सोमया कभी कभी बड़ा विकट है
आग से जन्मा है कैलषी
शक्ति जिसकी दरस की प्यासी
है प्यासी हन प्यासी
भी राम उसका रावण उसका
जीवन उसका मारन भी उसका
तांडव है और ध्यान भी वो है
अगयानी का गयाँ भी वो है
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
वही शून्या है वही िकाए
जिसके भएटर
शैवाय है
तू ही शिवा तुझमे ईश्वर
कोई नही यहाँ तेरे सिवा
उड़ा राख अग्नि को ज्वाला तू कर
मिटा दे अंधेरे तू बन के सहर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर
आँख मूंद देख कर रहा है
साथ समय के खेल रहा है
महादेव महा एकाकी
जिसके लिए जगत है झाँकी
कैलषी
शक्ति .
तो बोलो हर हर हर
यक्षा स्वरूपया जात्ता ढाया
प्यार हस्तताया सनातन्येया
दिव्याया डेवाया दंगंबराया
तस्मै यकराया नमशिवाया

न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ

चित्रपट / Film: Kaala Bazaar
संगीतकार / Music Director: सचिन देव बर्मन-(S D Burman)
गीतकार / Lyricist: Shailendra
गायक / Singer(s): Sudha Malhotra,  Geeta

    Bhajan 

न मैं धन चाहूँ, 

न रतन चाहूँ
तेरे चरणों की धूल मिल जाये 
तो मैं तर जाऊँ, हाँ मैं तर जाऊँ 
हे राम तर जाऊँ... 
मोह मन मोहे, 
लोभ ललचाये कैसे कैसे ये नाग लहराये
 इससे पहले कि मन उधर जाये
मैं तो मर जाऊँ,
 हाँ मैं मर जाऊँ 
हे राम मर जाऊँ 
थम गया पानी, 
जम गयी कायी
 बहती नदिया ही साफ़ कहलायी 
मेरे दिल ने ही जाल फैलाये 
अब किधर जाऊँ, मैं किधर जाऊँ - २ 
अब किधर जाऊँ,
 मैं किधर जाऊँ... 
लाये क्या थे जो लेके जाना है 
नेक दिल ही तेरा खज़ाना है 
शाम होते ही पंछी आ जाये अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ अब तो घर जाऊँ 
अपने घर जाऊँ...



7.1.18

तू की जाने सावरिया



तू की जाने सावरिया

प्रीत की रीत को ना समझे, हाए वो प्रीत निभाना क्या जाने,
जिस दिल ने चोट ना खाई हो, वो नीर बहाना क्या जाने,

तू की जाने सावरिया, हो तू की जाने सावरिया
की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
तेरे पीछे मई सब्नू चढ़ेया फिर भी तू नि आया है,
नींद ना आव सानू, हो प्रीतम परेया, हो मेरे मान मोहना,
ते जाग वेल सोंदे है,ते जाग वेल सोंदे है,
नींद ना आव सानू,ते जाग वेल सोंदे है,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

3.1.18

मेरी किशोरी राधे प्यारी किशोरी राधे


रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
मेरी किशोरी राधे, प्यारी किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

नंद बाबा के कुंवर कन्हैया, नंद बाबा के कुंवर कन्हैया,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
वृंदावन के बांके बिहारी, वृंदावन के बांके बिहारी,
तुम बरसाने वाली, तुम बरसाने वाली, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

कमल नयन चरणं मे लीजो, कमल नयन चरणं मे लीजो,
आयो शरण तिहारी, आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

31.12.17

हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या// नाथजी भजन


हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या।
बन कै अन्दर तपै महात्मा,देख भरथरी अटक्या॥टेर॥


घोड़े पर से तुरत कूद कर, चरणां शीश नवाया। आर्शीवाद देह साधू ने, आसन पर बैठाया॥
बडे प्रेम सँ जाय कुटी मँ, एक अमर फल ल्याया। इस फल को तू खाले राजा, अमर होज्या तेरीकाया
राजा नै ले लिया अमर फल, तुरत जेव मँ पटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥1॥


राजी होकर चल्या भरथरी, रंग महल मँ आया। राणी को जा दिया अमरफल, गुण उसका बतलाया॥
निरभागण राणी नै भी वो नहीं अमर फल खाया। चाकर सँ था प्रेम महोबत उसको जा बतलाया॥ प्रेमी रै मन प्रेमी बसता, प्रेम जिगर मँ खटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥2॥


उसी शहर की गणिका सेती, थी चाकर की यारी। उसको जाकर दिया अमरफल थी राणी सँ प्यारी॥ अमर होयकर क्या करणा है, गणिका बात बिचारी। राजा को जा दिया अमरफल,इस को खा तपधारी॥ राजा नै पहचान लिया है, होठ भूप का छिटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥3॥


क्रोधित होकर राज बोल्या, ये फल कित सँ ल्याई। गणित सोच्या ज्यान का खतरा, साँची बात बताई॥ चाकर दीन्या भेद खोल, जद होणै लगी पिटाई। हरिनारायण शर्मा कहता, बात समझ में आई॥ उपज्जा ज्ञान भरथरी को जद, बण बैरागी भटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥4॥

29.12.17

हरि का भजन करो हरि है तुम्हारा


हरि का भजन करो हरि है तुम्हारा |
हरि के भजन बिन, नहीं गुजारा ||
हरि नाम से तेरा काम बनेगा |
हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा ||
हरि नाम लेने वाला,
हरि का है प्यारा ||
कोई काहे राधेश्याम, कोई काहे सीताराम |
कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल |
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, नमो बारम्बारा ||
सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ |
हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ |
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, सब का है प्यारा ||
दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो |
मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो |
यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ||

27.11.17

शंकर मेरा प्यारा

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शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा ।
माँ री माँ मुझे मूरत ला दे, शिव शंकर की मूरत ला दे,
मूरत ऐसी जिस के सर से निकले गंगा धरा ॥

माँ री माँ वो डमरू वाला, तन पे पहने मृग की छाला ।
रात मेरे सपनो में आया, आ के मुझ को गले लगाया ।
गले लगा कर मुझ से बोला, मैं हूँ तेरा रखवाला ॥

माँ री माँ वो मेरा स्वामी, मैं उस के पट की अनुगामी ।
वो मेरा है तारण हारा, उस से मेरा जग उजारा ।
है प्रभु मेरा अन्तर्यामी, सब का है वो रखवाला ॥