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7.1.18

तू की जाने सावरिया



तू की जाने सावरिया

प्रीत की रीत को ना समझे, हाए वो प्रीत निभाना क्या जाने,
जिस दिल ने चोट ना खाई हो, वो नीर बहाना क्या जाने,

तू की जाने सावरिया, हो तू की जाने सावरिया
की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
तू की जाने सावरिया की दुखारे होंदे ने,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
इश्क़ तेरे ने सानू प्रीटो, जाग सारा भूलवाया है,
जाग सारा भूलवाया है, जाग सारा भूलवाया है,
तेरे पीछे मई सब्नू चढ़ेया फिर भी तू नि आया है,
नींद ना आव सानू, हो प्रीतम परेया, हो मेरे मान मोहना,
ते जाग वेल सोंदे है,ते जाग वेल सोंदे है,
नींद ना आव सानू,ते जाग वेल सोंदे है,
दिल तदपदा जान तदपदी,दिल तदपदा जान तदपदी,
ते नैना रोंदे ने,ते नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,
सादे नैना रोंदे ने,सादे नैना रोंदे ने,

3.1.18

मेरी किशोरी राधे प्यारी किशोरी राधे


रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
मेरी किशोरी राधे, प्यारी किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

नंद बाबा के कुंवर कन्हैया, नंद बाबा के कुंवर कन्हैया,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
तुम ब्रिजभानु दुलारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,
वृंदावन के बांके बिहारी, वृंदावन के बांके बिहारी,
तुम बरसाने वाली, तुम बरसाने वाली, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

कमल नयन चरणं मे लीजो, कमल नयन चरणं मे लीजो,
आयो शरण तिहारी, आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
आयो शरण तिहारी, किशोरी राधे,
रखियो लाज हमारी, किशोरी राधे,

31.12.17

हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या// नाथजी भजन


हो घोड़े असवार भरथरी, बियाबान मँ भटक्या।
बन कै अन्दर तपै महात्मा,देख भरथरी अटक्या॥टेर॥


घोड़े पर से तुरत कूद कर, चरणां शीश नवाया। आर्शीवाद देह साधू ने, आसन पर बैठाया॥
बडे प्रेम सँ जाय कुटी मँ, एक अमर फल ल्याया। इस फल को तू खाले राजा, अमर होज्या तेरीकाया
राजा नै ले लिया अमर फल, तुरत जेव मँ पटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥1॥


राजी होकर चल्या भरथरी, रंग महल मँ आया। राणी को जा दिया अमरफल, गुण उसका बतलाया॥
निरभागण राणी नै भी वो नहीं अमर फल खाया। चाकर सँ था प्रेम महोबत उसको जा बतलाया॥ प्रेमी रै मन प्रेमी बसता, प्रेम जिगर मँ खटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥2॥


उसी शहर की गणिका सेती, थी चाकर की यारी। उसको जाकर दिया अमरफल थी राणी सँ प्यारी॥ अमर होयकर क्या करणा है, गणिका बात बिचारी। राजा को जा दिया अमरफल,इस को खा तपधारी॥ राजा नै पहचान लिया है, होठ भूप का छिटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥3॥


क्रोधित होकर राज बोल्या, ये फल कित सँ ल्याई। गणित सोच्या ज्यान का खतरा, साँची बात बताई॥ चाकर दीन्या भेद खोल, जद होणै लगी पिटाई। हरिनारायण शर्मा कहता, बात समझ में आई॥ उपज्जा ज्ञान भरथरी को जद, बण बैरागी भटक्या। बन कै अन्दर तपै महात्मा, देख भरथरी अटक्या॥4॥

29.12.17

हरि का भजन करो हरि है तुम्हारा


हरि का भजन करो हरि है तुम्हारा |
हरि के भजन बिन, नहीं गुजारा ||
हरि नाम से तेरा काम बनेगा |
हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा ||
हरि नाम लेने वाला,
हरि का है प्यारा ||
कोई काहे राधेश्याम, कोई काहे सीताराम |
कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल |
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, नमो बारम्बारा ||
सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ |
हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ |
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, सब का है प्यारा ||
दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो |
मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो |
यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ||

27.11.17

शंकर मेरा प्यारा

Image result for शंकर मेरा प्यारा
शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा ।
माँ री माँ मुझे मूरत ला दे, शिव शंकर की मूरत ला दे,
मूरत ऐसी जिस के सर से निकले गंगा धरा ॥

माँ री माँ वो डमरू वाला, तन पे पहने मृग की छाला ।
रात मेरे सपनो में आया, आ के मुझ को गले लगाया ।
गले लगा कर मुझ से बोला, मैं हूँ तेरा रखवाला ॥

माँ री माँ वो मेरा स्वामी, मैं उस के पट की अनुगामी ।
वो मेरा है तारण हारा, उस से मेरा जग उजारा ।
है प्रभु मेरा अन्तर्यामी, सब का है वो रखवाला ॥

हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों मे कैसे आऊँ


हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों मे कैसे आऊँ
माया के झंझटो से, अब मुक्ति कैसे पाऊँ

ना जानु कोई पुजन ,अज्ञ्यानी हुँ मै भगवन
अज्ञ्यानी हुँ मै भगवन, नादान हुँ मै भगवन
करना कृपा दयालू, बंधन से छुट जाऊ
हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों मे कैसे आऊँ||१

मैं हुँ पतित पापी, तुम हो पतित पावन
तुम हो पतित पावन, तुम सर्वेश्वर भगवन
अवगुण भरा है मुझमे, कैसे तुम्हे दिखाऊँ
हे प्रभु मुझे बता दो, चरणों मे कैसे आऊँ ||२

रूम झूम करता पधारो मारा भैरूजी,



रूम झूम करता पधारो मारा भैरूजी,
थोरा बालूडा जोवे है थोरी वाट, पधारो मारा भैरूजी
रूम झूम करता..........


मेवा नगर दादा आप विराजो,
थोरी महिमा...(2) है अपरम्पार,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता...............


हाथ मे त्रिशुल थोरे खप्पर सोहे,
थोरा डम डम...(2) डमरू आवाज,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता...............


मेवा मिठाई थोरे तेल चडे है,
थे तो भक्तो री ...(2) पुरो सब आस,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता...............


मेवाड़ ध्यावेह थोने गोडवाड ध्यावेह,
थोने ध्यावेह है...(2) आखो मारवाड़,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता...............


नाकोड़ा दरबार दादा थोरे चरने आयो हो
दादा माथा ऊपर ...(2) राखजो हाथ,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता...............


रूम झूम करता पधारो मारा भैरूजी,
थोरा बालूडा जोवे है थोरी वाट,
पधारो मारा भैरूजी रूम झूम करता..............

ॐ जय शिव ओंकारा



जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

 

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा

16.10.17

तू है संयम की ज्योति तू साहस की ज्वाला

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥ 
जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ
तू है सैयम की ज्योति तू साहस की ज्वाला तू हो तो ना बच पाए साया कोई काला तू है शक्ति का सागर भर दे मेरा प्याला डर क्या कोई जब तेरा हो तुम रखवाला जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ जय माँ शेरावालिये जय माँ, जय माँ जय जय माँ, जय जय माँ संकट हारिये मन था निर्बल तेरा संकल्प अब है ओ माँहेसैन्ये तूने शक्ति को है रख दी आँखों में मेरी है जाम हो रख दी अब नहीं रुकना (जय माता दी) अब नहीं झुकना (जय माता दी) खापर तेरा (जय माता दी) पक्कर मेरा (जय माता दी) हिम्मत तेरी (जय माता दी) ताक़त तेरी (जय माता दी) तू जो बल दे पर्बत चल दे जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ जय माँ शेरावालिये जय माँ, जय माँ जय जय माँ, जय जय माँ संकट हारिये [जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ 
 ॐ एम ह्रीं क्लिं ॐ एम ह्रीं क्लिं ॐ एम ह्रीं क्लिं भुकाल उठी तड़प ते तुम को थी गूंजेगा संख नाद अंत ही जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ जय माँ शेरावालिये जय माँ, जय माँ जय जय माँ, जय जय माँ संकट हारिये मन था निर्बल तेरा संकल्प अब है ओ माँहेसैन्ये 
तूने शक्ति को है रख दी आँखों में मेरी है जाम हो रख दी अब नहीं रुकना (जय माता दी) अब नहीं झुकना (जय माता दी) खापर तेरा (जय माता दी) पक्कर मेरा (जय माता दी) हिम्मत तेरी (जय माता दी) ताक़त तेरी (जय माता दी) तू जो बल दे पर्बत चल दे जय माँ, जय जय माँ जय जय माँ जय माँ शेरावालिये जय माँ, जय माँ जय जय माँ, जय जय माँ संकट हारिये || या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थित नमस् तस्यै नमस् तस्यै नमस् तस्यै नमो नमः ||

15.10.17

झूठा जग रैन बसेरा सांचा दर्द मेरा

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Song Title: Naina
 Movie: Dangal 
Singer: Arijit Singh
 Lyrics: Amitabh Bhattacharya
 Music: Pritam
                                 SONG
झूठा जग रैन बसेरा सांचा दर्द मेरा 
मृग-तृष्णा सा मोह पिया नाता मेरा तेरा नैना.. 
जो सांझ ख्वाब देखते थे नैना.. 
बिछड़ के आज रो दिए हैं यूँ नैना.. 
जो मिलके रात जागते थे नैना.. 
सेहर में पलकें मीचते हैं यूँ जुदा हुए 
कदम जिन्होंने ली थी ये कसम मिलके चलेंगे हर्दम 
अब बांटते हैं ये ग़म भीगे नैना.. 
जो खिडकियों से हांकते थे नैना.. 
घुटन में बंद हो गए है यूँ सांस हैरान है 
मन परेशान है हो रही सी क्यूँ रुआंसा
 ये मेरी जान है क्यूँ निराशा से है
आस हारी हुयी क्यूँ सवालों का उठा सा दिल में तूफ़ान है नैना.. 
थे आसमान के सितारे नैना.. 
ग्रहण में आज टूटते हैं यूँ नैना.. 
कभी जो धुप सेंकते थे नैना.. 
ठहर के छाओं ढूंढते हैं यूँ जुदा हुए कदम जिन्होंने ली थी ये कसम मिलके चलेंगे हर्दम अब बांटते हैं ये ग़म भीगे नैना.. जो साँझ ख्वाब देखते थे नैना.. 
बिछड़ के आज रो दिए हैं यूँ