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Monday, July 24, 2017

अजब है रूप और अजब तेरी हस्ती/शिव भजन


अजब है रूप और अजब तेरी हस्ती,
चढ़ी है भोले तेरे नाम वाली मस्ती ।
मस्ती में झूमे जग सारा तेरे ही दीदार को,
भव तार दो, भव तार दो, भव तार दो, भोले तार दो ॥

तीन लोक के तुम हो स्वामी, करदो कृपा अन्तर्यामी ।
त्रिशूल धारि, हे त्रिपुरारी, भोले बाबा कर उपकारी ।
डमरू बजाके शिव शंकर कर झन्कार दो ॥
भव तार दो .भव तार दो...

तेरा जलवा जब है पाते गम के बादल छट छट जाते ।
जटा में तेरी गंगा है साजे माथे चंदा नाग गले विराजे ।
भंग का पी कर पियाला के मस्ती शुमार दो ॥
भव तार दो. भव तार दो...
ओमकार की अदभुद शक्ति, अर्ध नारेश्वर शिवा है शक्ति ।
‘दर्शन’ गाये गाथा तिरिकल की भगत ‘राज’ लिखता यह पंक्ति ।
भटक रहा हूँ भोले कब से, ये जीवन सवार दो ॥
भव तार दो .भव तार दो...




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Sunday, July 23, 2017

मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन


मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

मुझ पेर भी करुणा करना, मई आया शरण तुम्हारी
मई जोड़े हाथ खड़ा हूँ, तेरे दर का बना भिखारी
तुम सबसे बड़े भंडारी, मई पानी तुम हो चंदन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

तेरा नाम बड़ा दुनिया में
 

सब तेरा ही गुण गये, इश्स जाग के सब नर नारी
चर्नो में शीश नवाए, कर भाव से पार मुझे भी
हे बाबा संकट मोचन, हे महावीर बजरंगी
तुम्हे कहते है दुख भंजन

मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

मैने तेरी आश् लगाई, बाबा हनुमान गुसा
जब भीड़ पड़ी भक्तो पे, तूने ही करी सहाइ
वीरान करे है दुहाई, प्रभु दीजो मोहे दर्शन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन

मेरी सुनलो मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन
हे महावीर बजरंगी, तुम्हे कहते है दुख भंजन




वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,


वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

बजरंग बाला फेरू थारी माला, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
 

बजरंग बाला फेरू थारी माला, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

ना कोई सांगी, हांत की तंगी, जल्दी हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
ना कोई सांगी, हांत की तंगी, जल्दी . रे,
प्रभु मन बसियो रे.
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी, कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी, कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे.

श्री राधा कृष्णाय नमः


ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्रमुखी चंचल चितचोरी, जय श्री राधा
सुघड़ सांवरा सूरत भोरी, जय श्री कृष्ण
श्यामा श्याम एक सी जोड़ी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

पंच रंग चूनर, केसर न्यारी, जय श्री राधा
पट पीताम्बर, कामर कारी, जय श्री कृष्ण
एकरूप, अनुपम छवि प्यारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्र चन्द्रिका चम चम चमके, जय श्री राधा
मोर मुकुट सिर दम दम दमके, जय श्री कृष्ण
जुगल प्रेम रस झम झम झमके
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

कस्तूरी कुम्कुम जुत बिन्दा, जय श्री राधा
चन्दन चारु तिलक गति चन्दा, जय श्री कृष्ण
 

सुहृद लाड़ली लाल सुनन्दा
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

घूम घुमारो घांघर सोहे, जय श्री राधा
कटि कटिनी कमलापति सोहे, जय श्री कृष्ण
कमलासन सुर मुनि मन मोहे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

रत्न जटित आभूषण सुन्दर, जय श्री राधा
कौस्तुभमणि कमलांचित नटवर, जय श्री कृष्ण
तड़त कड़त मुरली ध्वनि मनहर
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा राधा कृष्ण कन्हैया जय श्री राधा
भव भय सागर पार लगैया जय श्री कृष्ण .
मंगल मूरति मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

मन्द हसन मतवारे नैना, जय श्री राधा
मनमोहन मनहारे सैना, जय श्री कृष्ण
जटु मुसकावनि मीठे बैना
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

श्री राधा भव बाधा हारी, जय श्री राधा
संकत मोचन कृष्ण मुरारी, जय श्री कृष्ण
एक शक्ति, एकहि आधारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

 

जग ज्योति, जगजननी माता, जय श्री रा्धा
जगजीवन, जगपति, जग दाता, जय श्री कृष्ण
जगदाधार, जगत विख्याता
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा, राधा, कृष्ण कन्हैया, जय श्री रा्धा
भव भय सागर पार लगैया, जय श्री कृष्ण
मंगल मूरति, मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

सर्वेश्वरी सर्व दुःखदाहनि, जय श्री रा्धा
त्रिभुवनपति, त्रयताप नसावन, जय श्री कृष्ण
परमदेवि, परमेश्वर पावन
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

त्रिसमय युगल चरण चित धावे, जय श्री रा्धा
सो नर जगत परमपद पावे, जय श्री कृष्ण
राधा कृष्ण ‘छैल’ मन भावे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

मुझ से मेरा क्या रिश्ता है

singer-Pankaj udhas

मुझ से मेरा क्या रिश्ता है

बीमार को बेकार ना करदो या रब
इश्स जीने को दुश्वार ना कार्दुन या रब
इश्स खाब से हर शाम को पी लेता हूँ
मैं खुद से भी इनकार ना कर दूं या रब

पीने दे मुझे भर दे मेरा पैमाना
दुनिया तो हैं एक उलझा हुआ अफ़साना
जब तक मुझे मालूम ना ये हो जाए
मैं आया कहाँ से हूँ कहाँ हैं जाना

मुझ से मेरा क्या रिश्ता है
मुझ से मेरा क्या रिश्ता है
हर एक रिश्ता भूल गया
इतने आईने देखे हैं की
अपना चेहरा भूल गया
मुझ से मेरा क्या रिश्ता है

अब तो यह भी याद नही है
फ़र्क़ था कितना दोनो मैं
अब तो यह भी याद नही है
फ़र्क़ था कितना दोनो मैं
उस की बातें याद रहीं और
उस की बातें याद रहीं और
उस का लहज़ा भूल गया
इतने आईने देखे हैं की

सर पे हिमालय का छत्र है-लता मंगेशकर



स्वर - लता मंगेशकर
फिल्म - जगदगुरु संकराचार्य (1955)
गीतकार - भरत व्यास
संगीत संयोजन - अविनाश व्यास

जय भारती ! वन्दे भारती !

सर पे हिमालय का छत्र है,
चरणों में नदियाँ एकत्र हैं,
हाथों में वेदों के पत्र हैं,
देश नहीं ऐसा अन्यत्र है |
जय भारती ! वन्दे भारती !
जय भारती ! वन्दे भारती !

धुंए से पावन ये व्योम है,
घर घर में होता जहाँ होम है,
पुलकित हमारे रोम रोम है,
आदि-अनादि शब्द ॐ है |
जय भारती! वन्दे भारती!
वन्दे मातरम ! वन्दे मातरम !

जिस भूमि पे जन्म लिया राम ने,
गीता सुनायी जहाँ श्याम ने ,
पावन बनाया चारो धाम ने,
स्वर्ग भी ना आये जिसके सामने |
जय भारती!वन्दे भारती!
वन्दे मातरम ! वन्दे मातरम !
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शिव पूजा में मन लीन रहे

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शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,
मिट जाए जन्मों की तृष्णा मिले भोले शंकर प्यार तेरा ।

तुझ में खोकर जीना है मुझे मैं बूंद हूँ तू एक सागर है,
तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या मैं तारा हूँ तू अम्बर है,
तूने मुझ को स्वीकार किया क्या कम है यह उपकार तेरा
शिव पूजा में मन लीन रहे...

यूं मुझको तेरा प्यार मिला, बेजान को जैसे जान मिली,
जिस दिन से तुझको जाना है मुझको अपनी पहचान मिली,
दे दी तूने चरणों में जगह आभारी हूं सौ बार तेरा
शिव पूजा में मन लीन रहे...