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बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे



बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,
दर्शन दीजो शरण में लीजो,
हम बलहारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी…॥

आँख मचोली हमें ना भये,
जग माया के जाल बिछाये,
रास रचा कर बंसी बजा कर,
धेनु चारा कर प्रीत जगा कर,
नटवर नागर निष्ठुर छलिया,
लीला न्यारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी…॥




सर्व व्यापक तुम अविनाशी,
जल थल गगन रवि घट बासी,
योग सुना कर रथ को चला कर,
कहाँ खो गए हमको लुभा कर,
गोविन्द गोविन्द मीरा गायी,
गणिका तारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी…॥

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,
दर्शन दीजो शरण में लीजो,
हम बलहारी कहाँ छुपे।

जय जय राधे श्री राधे, श्री राधे राधे,
जय कृष्णा जय कृष्णा कृष्णा।


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शरण तेरी आऊँ माँ हाँ बलि बलि जाऊँ माँ


माँ दुर्गा भजन/Durga Maa Bhajan Lyrics

शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||

ऊँचे भवन पर बैठी
अम्बे के भवानी माँ
जिनके दरश की है ये
दुनिया दीवानी माँ
दरश तेरे पाऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||

भीड़ लगी रहती है
माँ तुम्हारे द्वारे
आते जाते गूंजते है
तेरे माँ जयकारे
जयकारा लगाऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||




लाल पट्टी बांधे सर पे
आ रही है टोलियाँ
ला रहे मुरादो वाली
भर भर के झोलियाँ
ये अर्जी सुनाऊ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||

बेनाम जग के ये रूठे
माँ कभी ना रूठे
आदि शक्ति जग जननी का
दर कभी ना छूटे
यही रम जाऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||

शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ
भजन तेरे गाऊँ माँ
मगन हो जाऊँ माँ
शरण तेरी आऊँ माँ
हाँ बलि बलि जाऊँ माँ ||


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करदो करदो बेडा पार राधे अलबेली सरकार


करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

बार बार श्री राधे हमको,
वृन्दावन में बुलाना । ..x2
आप भी दर्शन देना,
बिहारी जी से भी मिलवाना ।
यही है विनती बारम्बार,
राधे अलबेली सरकार ॥




राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

तेरी कृपा बिना श्री राधे,
कोई ना ब्रिज में आये । ..x2
तेरी कृपा जो हो जाए,
तो भवसागर तर जाए।
तेरी महिमा अपरम्पार,
राधे अलबेली सरकार ॥

राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

तेरी कृपा से राधा रानी,
बनते हैं सब काम । ..x2
छोड़ के सारी दुनियादारी,
आगए तेरे धाम ।
सुन लो मेरी करुण पुकार,
राधे अलबेली सरकार॥

राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

वृन्दावन की गली गली में,
धूम मची हैं भारी । ..x2
श्री राधे राधे बोल बोल के,
झूम रहे नर नारी ।
तेरी होवे जय जयकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥

करदो करदो बेडा पार,
राधे अलबेली सरकार ।
राधे अलबेली सरकार,
राधे अलबेली सरकार ॥


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जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है


जगत के रंग क्या देखूं,
तेरा दीदार काफी है ।
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे,
तेरा दरबार काफी है ॥

नहीं चाहिए ये दुनियां के,
निराले रंग ढंग मुझको,
निराले रंग ढंग मुझको ।
चली जाऊँ मैं वृंदावन,
तेरा श्रृंगार काफी है ॥
॥जगत के रंग क्या देखूं...॥

जगत के साज बाजों से,
हुए हैं कान अब बहरे,
हुए हैं कान अब बहरे ।
कहाँ जाके सुनूँ बंशी,
मधुर वो तान काफी है ॥
॥जगत के रंग क्या देखूं...॥

जगत के रिश्तेदारों ने,
बिछाया जाल माया का
बिछाया जाल माया का ।
तेरे भक्तों से हो प्रीति,
श्याम परिवार काफी है ॥
॥जगत के रंग क्या देखूं...॥




जगत की झूटी रौनक से,
हैं आँखें भर गयी मेरी
हैं आँखें भर गयी मेरी ।
चले आओ मेरे मोहन,
दरश की प्यास काफी है ॥
॥जगत के रंग क्या देखूं...॥

जगत के रंग क्या देखूं,
तेरा दीदार काफी है ।
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे,
तेरा दरबार काफी है ॥


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बेला अमृत गया, आलसी सो रहा बन आभागा


बेला अमृत गया,
आलसी सो रहा बन आभागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,
बेला अमृत गया,
आलसी सो रहा, बन आभागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,

झोलियाँ भर रहै भाग्य वाले,
लाख पतितो ने जीवन सम्भाले,
रंक राजा बने, प्रभु रस में सने, कष्ट भागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,
॥ बेला अमृत गया...॥



प्रभु कृपा से नर तन यह पाया,
आलसी बनकर यूँ ही गँवाया
उल्टी हो गई मती,
कर ली अपनी छती, चोला त्यागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,
॥ बेला अमृत गया...॥

स्वास एक एक अनमोल बीता,
अमृत के बदले विष को तू पीता,
सौदा घाटे का कर,
हाथ माथे पे धर, रोने लगा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,
॥ बेला अमृत गया...॥

मानव कुछ भी न तूने बिचारा,
सिर से ऋषियो का ऋण न उतारा,
गुरु का नाम न लिया,
गंदा पानी पीया, बन के कागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,
॥ बेला अमृत गया...॥

बेला अमृत गया,
आलसी सो रहा, बन आभागा,
साथी सारे जगे, तू न जागा,


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धनवानों का मान है जग में, निर्धन का कोई मान नहीं

धनवानों का मान है जग में,
निर्धन का कोई मान नहीं ।
ए मेरे भगवन बता दे,
निर्धन क्या इन्सान नहीं ॥

पास किसी के हीरे मोती,
पास किसी के लंगोटी है ।
दूध मलाई खाए कोई,
कोई सूखी रोटी है ।
मुझे पता क्या तेरे राज्य में,
निर्धन का सम्मान नहीं ॥

धनवानों का मान है जग में,
निर्धन का कोई मान नहीं ।
ए मेरे भगवन बता दे,
निर्धन क्या इन्सान नहीं ॥




एक को सुख साधन,
फिर क्यों एक को दुःख देते हो ।
नंगे पाँव दौड़ लगाकर,
खबर किसी की लेते हो ।
लोग कहे भगवन तुझे,
पर में कहता भगवन नहीं ॥

धनवानों का मान है जग में,
निर्धन का कोई मान नहीं ।
ए मेरे भगवन बता दे,
निर्धन क्या इन्सान नहीं ॥

भक्ति करे जो तेरी वो,
बैतरनी को तर जाये ।
जो न सुमरे तुम्हे,
भंवर के जाल में वो फस जाये ।
पहले रिश्वत लिए तो तारे,
क्या इसमें अपमान नहीं ॥

धनवानों का मान है जग में,
निर्धन का कोई मान नहीं ।
ए मेरे भगवन बता दे,
निर्धन क्या इन्सान नहीं ॥

तेरी जगत की रित में है क्या,
हो जग के रखवाले ।
दे ना सको अगर सुख का साधन,
तो मुजको तू बुलवाले ।
अर्जी तेरे है बच्चो की,
तू भी तो अनजान नहीं ॥

धनवानों का मान है जग में,
निर्धन का कोई मान नहीं ।
ए मेरे भगवन बता दे,
निर्धन क्या इन्सान नहीं ॥


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गुरु बिन घोर अँधेरा संतो


गुरु बिन घोर अँधेरा संतो,
गुरु बिन घोर अँधेरा जी ।
बिना दीपक मंदरियो सुनो,
अब नहीं वास्तु का वेरा हो जी ॥

जब तक कन्या रेवे कवारी,
नहीं पुरुष का वेरा जी ।
आठो पोहर आलस में खेले,
अब खेले खेल घनेरा हो जी ॥

मिर्गे री नाभि बसे किस्तूरी,
नहीं मिर्गे को वेरा जी ।
रनी वनी में फिरे भटकतो,
अब सूंघे घास घणेरा हो जी ॥




जब तक आग रेवे पत्थर में,
नहीं पत्थर को वेरा जी ।
चकमक छोटा लागे शबद री,
अब फेके आग चोपेरा हो जी ॥

रामानंद मिलिया गुरु पूरा,
दिया शबद तत्सारा जी ।
कहत कबीर सुनो भाई संतो,
अब मिट गया भरम अँधेरा हो जी ॥


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बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे


Baat nihare ghanshyam by jagjit singh lyrics in hindi

(Baat Nihare Ghanshyam lyrics)

SINGER – JAGJIT SINGH


बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे 

बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे
बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे




आस करे दिन राईं नैना नीर भारे बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे
जोग भयउँ मित चित न लागे मन जी पीर पाल जगे जोग भयउँ मित चित न लागे मन जी पीर पाल जगे वर्षा जगे अविराम नैना नीर भारे बाथ निहारे घनश्याम नैना नीर भारे
बेक बिहारी कृष्ण आप इस सूद कली को देखेंगे बेक बिहारी कृष्ण आप इस सूद कली को देखेंगे कब अघे मात्र धाम नैना नीर भारे
बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे
पतित पावन शरण लीं लायो मैं आपको देखकर खुश हूं पतित पावन शरण लीं लायो मैं आपको देखकर खुश हूं लगन लागे तेरे नाम नैना नीर भारे बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे


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ॐ गणपतये गणपतये गणपतये नमः देवा


ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः देवा
ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः देवा
गणपतये गणपतये
गणपतये नमः


मुड़के सुनेगी तुझे दुनिया
जो कहना है आज कह ले
ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः देवा


ऐसा लगा दे आज सुर वो
तूने ख़ुद ना सुना पहले


ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः


तेरा ही दर्द तुझपे क़र्ज़ है
माने ना माने ये तेरा ही फ़र्ज़ है
लिखना तुझे फलक पे
तेरा है नाम एलान करदे


से व्हाट यू वांट
से व्हाट यू वांट
से व्हाट यू नीड़
से व्हाट यू ब्रेद


स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू से
देट यू लव


तेरे करम तेरे करम
तेरे करम तेरे निशाँ
तेरे निशान है जहाँ
तेरी फ़तेह तेरी फ़तेह है वहां


कोई हमपे मेहरबान था
रब से मिला बस एक ही कदरदान था
छोड़ गया रूठ के गया रूठ के
वो गया रूठा के
सुरों को रास्ता मगर दिखा गया


से व्हाट यू वांट
से व्हाट यू वांट
से व्हाट यू नीड़
से व्हाट यू ब्रेद


स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू से
देट यू लव


तेरे करम तेरे करम
तेरे करम तेरे निशाँ
तेरे निशान है जहाँ
तेरी फ़तेह तेरी फ़तेह है वहां


ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः देवा
गणपतये गणपतये
गणपतये नमः


तोड़ दे लबों की चिटखानियां
सरगम का सैलाब लिख ले


ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः


ऐसा असर हो सदाओं में
सुन कर ख़ुद आफ़ताब पिघले


ॐ गणपतये गणपतये
गणपतये नमः


तेरे ये दिन हैं
तेरा ही वक़्त है
जज्बा दिल में
तेरे भी सख्त है


हद से ज़रा गुज़र के दिखा सबको
हैरान करदे


तेरे करम.. तेरे करम..
तेरे निशाँ.. तेरी फ़तेह..


जलवे दिखा
पलकें दिखा
तेरी अदा जो सबसे जुदा
हो हक्का बक्का देखे जहाँ


ओ हर गली आज चर्चा तेरा
तू सुर्खियों पे ख़बरों की राज
करले ज़रा





स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू आर
स्टे व्हाट यू से
देट यू लव..


तेरे करम तेरे करम
तेरे करम तेरे निशाँ
तेरे निशान है जहां
तेरी फ़तेह तेरी फ़तेह है वहां


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राम तेरी दुनिया में कौन सुखी - भजन लिरिक्स



हे राम तेरी दुनिया में कौन सुखी
भगवन तेरी दुनिया में कौन सुखी (x2)
एक राम सुखी एक सीता सुखी (x2)
जब वन को गये तब वो भी दुखी
हे राम तेरी दुनिया में ......
एक माता सुखी एक पिता सुखी (x2)
जब पुत्र कुपुत्र तो वो भी दुखी
हे राम तेरी दुनिया में ......




एक गंगा सुखी एक यमुना सुखी (x2)
जब परब पड़ा तब वो भी दुखी
हे राम तेरी दुनिया में ......
एक चंदा सुखी एक सूरज सुखी (x2)
जब ग्रहण पड़ा तब वो भी दुखी
हे राम तेरी दुनिया में ......
एक भैया सुखी एक बहना सुखी (x2)
जब विदा किया तब वो भी दुखी
हे राम तेरी दुनिया में ......


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